21 February, 2021

Benefit of Banana || केला खाने के फायदें ||

 जानें केला खाने के विशेष फायदें-

केला एक ऐसा फल है, जो किसी भी मौसम में हर जगह मिल जाता है। यह अन्य फलों की तुलना में काफी सस्ता भी होता है, जिसके कारण कोई भी खरीद सकता है। यह काफी स्वास्थ्यबर्धक होता है, क्यों कि इसमें प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व भरपुर मात्रा में मिलते Benefit of Banana है। आयुर्वेद में भी केला खाने के विशेष फायदें बताए गये है। यह सबसे ज्यादा एनर्जी देने वाला फल है, इसे खाने के लिए डाक्टर भी सलाह देते है।

Benefit of Banana

जानें केला के कितने फायदें है-Benefit of Banana

केला शरीर को कभी भी कमजोर नही होने देगा- Benefit of Banana आपको आफिस या किसी कार्य से बाहर जाना हो और समय के अभाव में भरपुर मात्रा में खाना या नास्ता नही हो पा रहा हो तो आप दो केला खाकर जा सकते है, क्यों कि इसमें कार्बोहाइटेªट की मात्रा भरपुर होता है। इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है।

केला दिल को स्वस्थ रखने में काफी लाभदायक होता है- Benefit of Banana अगर आपको दिल को स्वस्थ रखने में ज्यादा जज्बा है तो आप रोजाना दो केला जरूर खायें, क्यों कि यह काफी फायदेंमन्द होता है। केला में भरपुर मात्रा में विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम और फाइबर मिलता है। प्रतिदिन दो केला खाने से कोलेस्ट्राॅल कन्ट्रोल में रहता है। 

वजन कम करने में भी मददगार होता है केला- Benefit of Banana वजन बढ़ने से कई बीमारियाॅ भी शरीर को घर कर जाती है। ज्यादा वजन या मोटापा शरीर की सुन्दरता को खत्म कर देता है। आप मोटापा घटाने के लिए क्या-क्या उपाय नही करते है, लेकिन वजन कम नही हो पाता है। केला से आप अपने वनज को भी कम कर सकते है।

वजन घटाने के लिए केला कैसे खायें-

  • वजन घटाने के लिए केला का सेवन आप प्रतिदिन दो केला खाकर गरम पानी पी लें, इससे वजन काफी मात्रा में कम होता है। इससे दिनभर आप खाना खायें या ना खायें कोई फर्क नही पड़ता है। यदि आप प्रतिदिन सुबह केला नास्ते में भरपेट लेते रहे और गरम पानी पीते रहें तो शरीर का सबकुछ दिनभर बराबर रहता है।

Benefit of Banana

जानें केला खाने के और क्या-क्या फायदें हैं- Benefit of Banana

  1.  केला नर्वस सिस्टम को ताकतवर बनाता है। यह एक विटामिन का अच्छा स्रोत होता है।
  2.  इससे खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है। केला एनीमिया के रोगियों को सेवन जरूर करना चाहिए।
  3.  केला से एनर्जी भी ज्यादें मिलती है, केला पचने में ज्यादा समय लेता है। केला ज्यादें समय तक पेट भरे रहने का एहसास भी दिलाता है।
  4. केला सेरेटोंनिन हार्मोन पैदा करता है, जिससे मूड भी अच्छा रहता है। केला से तनाव भी दूर होता है।
  5. केला से ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है और इसके अलावा दिमाग को चुस्त भी रखता है।

Benefit of Banana

केला से होने वाले अन्य जानकारियाॅ- Benefit of Banana

  • Benefit of Banana केला नियमित सेवन करने से एनर्जी का लेवल बढ़ जाता है। इससे जल्दी-जल्दी सर्दी-जुकाम नही होता है। केला का सेवन रात में दूध के साथ करने से ज्यादा फायदा होता है। केला काफी सस्ता भी होता है और हर जगह आसानी से मिल भी जाता है।


  • Benefit of Banana केला से सबसे बड़ी बात यह है कि एनर्जी लेवल के साथ-साथ शरीर में स्फूर्ति भी रखता है। केला छोटी-मोटी बीमारियों को भी दूर रखता है। ध्यान रहे कि केला केमिकल से पका हुआ नही होना चाहिए।



09 August, 2020

Meaning of Hernia in Hindi || जानें हर्निया के लक्षण, कारण, बचाव व इलाज ||

Meaning of Hernia in Hindi || जानें हर्निया के लक्षण, कारण, बचाव व इलाज ||


हर्निया आमतौर पर पेट में होता है, लेकिन हर्निया जांघ के ऊपरी हिस्से या नाभि और कमर के आस-पास हो सकता है। हर्निया अधिकांश घातक नही होते है, लेकिन हर्निया अपने आप ठीक नही होते है। कभी-कभी ऐसी परिस्थितियाॅ बन जाती है कि हर्निया की जटिलताओं से बचने के लिए सर्जरी करनी पड़ जाती है। हर्निया एक ऐसी बीमारी है, जो एक मांसपेशी या ऊतक में किसी छेद के माध्यम से अन्दर का अंग उभरकर बाहर आने लगता है, जिसे हर्निया कहते है, जैसे-आंत, पेट की अन्दरूनी परत में किसी कमजोर जगह में छेद करके बाहर की तरफ आने लगती है। 
हर्निया Meaning of Hernia in Hindi का दर्द आपको आराम करते समय या कुछ खास गतिपूर्वक कार्य करते समय हो सकता है, जैसे-चलने या दौड़ने पर।

Meaning of Hernia in Hindi
Meaning of Hernia in Hindi


हर्निया की बीमारी पुरूषों और महिलाओं दोनों में पायी जाती है। किन्तु अधिकांश यह बीमारी पुरूषों में अधिक पायी जाती है।
हर्निया की समस्या पुरूषों के कमर भाग पर खासतौर पर मिलता है।
कुछ लोगों में हर्निया Meaning of Hernia in Hindi की समस्या जन्मजात से ही रहती है।

Meaning of Hernia in Hindi
Meaning of Hernia in Hindi

हर्निया का लक्षण-

हर्निया में पाये जाने वाले लक्षण इस प्रकार है, जैसे-
  • पेट के नीचले भाग और जांघों के ऊपरी भाग में सूजन होना।
  • मलमूत्र त्यागने में परेशानियों का बढ़ जाना।
  • पेट की चर्बी बाहर की तरफ निकल जाना।
  • अधिक समय तक खड़े रहने या बैठने पर दर्द होना।

हर्निया के कारण-

हर्निया Meaning of Hernia in Hindi होने का कारण इस प्रकार है, जैसे-
  • अधिक या लम्बे समय तक खांसी आने के कारण हो सकता है।
  • कब्ज होने की स्थिति में हो सकता है।
  • गर्भावस्था की स्थिति में हो सकता है।
  • बढ़ती उम्र होने के कारण हो सकता है।
  • भारी वजन उठाने के कारण हो सकता है।
  • ज्यादा मोटापा होने के कारण हो सकता है।
  • चोट होने के कारण भी हो सकता है।
  • अगर पुराना आपरेशन हुआ हो तो उसके कारण भी हो सकता है।

हर्निया से बचाव-

हर्निया Meaning of Hernia in Hindi से बचने के लिए नीचे सावधानियाॅ निम्न प्रकार है-
  • लम्बे समय तक खांसी आने पर उसे डाक्टर से तुरन्त दिखायें।
  • योग और व्यायाम करें, ताकि कब्ज की समस्या न हो।
  • भारी वजन न उठायें।
  • स्वस्थ भोजन का सेवन करें।
  • अगर भारी वजन उठाना है तो तकनीक का प्रयोग करें।
  • अगर बार-बार खांसी आती है तो धुम्रपान का सेवन न करें।
  • हर्निया के शुरूआती लक्षण मिलने पर चिकित्सक से जरूर दिखाएं और इलाज करायें।
  • मलमूत्र करने या शौच करने में अधिक दबाव न बनायें।

हर्निया का इलाज-

  • हर्निया Meaning of Hernia in Hindi की समस्या होने पर सबसे पहले चिकित्सक से दिखायें और इलाज करवायें।
  • हर्निया होने की समस्या को डाक्टर सर्जरी के माध्यम से इलाज करते है, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी या ओपन सर्जरी।
  • ओपन सर्जरी में व्यक्ति को कम से कम छः महिने तक आराम करना होता है। व्यक्ति छः महिने तक ठीक से चल-फिर नही सकता है और ठीक से व्यायाम भी नही कर सकता है।
  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में शरीर पर छोटा आपरेशन किया जाता है। यह ऊतक के आस-पास होता है। यह सर्जरी हानिकारक नही होता है।
  • हार्ट की समस्या होने पर डाक्टर, व्यक्ति को लोकल सर्जरी करवाने का सुझाव देतें है। 


08 August, 2020

Yoga Tips || Halasan Yoga || पेट की चर्बी कम करने एवं चेहरे पर निखार लाने में सहायक होता है, हलासन योग ||

हलासन सही तरीके से किया जाए तो सेहत के लिहाज से यह बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इस आसन से मोटापा कम करते हुए थायराॅइड, मधुमेह आदि के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है। हलासन की अन्तिम मुद्रा में शरीर भारतीय हल के समान दिखता है। 
Yoga Tips || Halasan Yoga
Halasan Yoga

हलासन योगाभ्यास के विधि-

हलासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को जांघों के पास टिका लें और उसके बाद अपने पांवों को मोडते हुए धीरे-धीरे पहले 30 डिग्री पर फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं, उसके बाद अपने सांस को छोड़ते हुए पैरों को पीठ उठाते हुए सिर के पीछे ले जाएं और पैरों की अंगुलियों को जमीन से छूने का प्रयास करें।
मुद्रा का रूप ले चुका हलासन योग को धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने सांस को धीरे-धीरे छोडे़, जहाॅ तक सम्भव हो सके तो इस हलासन को रोककर रखें।
फिर धीरे-धीरे मूल अवस्था में आ जाएं, यह एक चक्र हुआ। इस तरह से आप 4 से 5 चक्र कर सकते है।

Yoga Tips || Halasan Yoga
Halasan Yoga

हलासन से होने वाले लाभ-

हलासन को नियमित अभ्यास करने से पेट की चर्बी कम होता है और वजन भी कम होता है।
इस आसन से सिर के क्षेत्र में खून का बहाव ज्यादा होने लगता है और साथ ही साथ बालों को सही मात्रा में खनिज तत्व मिलने लगता है, जो बालों की सेहत के लिए अच्छा होता है।
इस आसन को रोजाना करने से चेहरे पर निखार भी आने लगता है। 
यह आसन कब्ज, अपच और मधुमेह के लिए लाभकारी होता है, जो लोग बवासीर से ग्रसित है उन्हें इस आसन को करनी चाहिए।
जिन्हें गले की बीमारी है या सिर दर्द की शिकायत हो तो उन्हें इस आसन को करनी चाहिए।

हलासन से बरतनें वाली सावधानियाॅ-

जिनको सर्वाइकल स्पाॅण्डिलाइटिस हो उन्हें इस आसन को नही करनी चाहिए।
रीढ़ में अकड़न होने पर, उच्च उक्तचाप में, कमर में दर्द होने पर या चक्कर आने पर इस आसन को कतई नही करनी चाहिए।
गर्भावस्था होने पर और हृदय रोगी व्यक्ति को इस आसन को नही करना चाहिए।
हलासन के सबसे अधिक लाभ तब होता हैं, जब हलासन के तुरन्त बाद भुजंगासन किया जाए।



19 July, 2020

About Hernia in Hindi || जानें हर्निया के कारण, लक्षण, इलाज और सावधानियाॅ-

About Hernia in Hindi || जानें हर्निया के कारण, लक्षण, इलाज और सावधानियाॅ-

हर्निया के बारे में आप सुना होगा कि लोग अक्सर कहते है कि मुझे हर्निया हुआ है, हर्निया से परेशान है, लेकिन आपको बता दें कि हर्निया एक आम समस्या है, जो स्त्री और पुरूष दोनों में होता है। हर्निया किसी को भी हो सकता है। हर्निया जांघ और पेट दोनों के बीच में होता है और तीव्रता से दर्द होने लगता है। जब पेट की मसल कमजोर हो जाती है तो हर्निया की समस्या होने लगती है। मनुष्य की पेट में मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और उनके अन्दर से आंते बाहर आने लगती है और लेट जाने पर अन्दर चला जाता है। हर्निया की समस्या में यदि आप खडे़ है, खांसते है या कोई भी कार्य करते है तो परेशानियां होने लगती है और लेट जाने पर आराम मिलने लगता है।

About Hernia in Hindi
About Hernia in Hindi


हर्निया के बारे में-

पेट में हर्निया About Hernia in Hindi होना बहुत ही आम बात होती है, हर्निया की परेशानी उस समय उत्पन्न होती है, जब पेट में से कोई अंग या मांसपेशी पेट की दिवार से छेद की सहायता से बाहर आने लगता है। हर्निया पेट और जांघ के बीच भाग में होता है। हर्निया के लक्षण दिखाई नही देते पर तीव्रता से दर्द होना काफी सामान्य होता है। इसी से हम पहचान सकते है कि हमें हर्निया की समस्या है।

हर्निया का कारण बन सकते है ये कार्य-

कुछ ऐसे कार्य होते है, जो शरीर पर काफी दबाव डालते है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती है और हर्निया के कारण बन जाते है, जैसे-गर्भवती होने में पेट पर दबाव होना, भारी वजन उठाना, धुम्रपान करना, शरीर में थकावट होना, खराब पोषण के उपरान्त, लगातार खांसी और झींकने के कारण, कब्ज होने पर, किसी भी अंग की सर्जरी कराने के कारण, ज्यादा मोटापा या वजन बढ़ जाने के कारण, पेट में मुक्त द्रव होने से इत्यादि कारणों से शरीर पर दबाव बनने लगता है, जिससे हर्निया About Hernia in Hindi की समस्या होने लगती है।

About Hernia in Hindi
About Hernia in Hindi


हर्निया कई प्रकार के होते है-

हर्निया About Hernia in Hindi मनुष्यों में अलग-अलग तरीकों से हो सकता है, जैसे-नाभि हर्निया, जघनास्थिक हर्निया, वेक्षण हर्निया एवं इंसिजनल हर्निया, जिसका संक्षिप्त विवरण नीचे निम्न प्रकार है-

  •  नाभि हर्निया-

नाभि हर्निया, बच्चों में खासकर कम से कम 6 माह के बच्चों में हो सकता है। ऐसा तब होता है, जब उनकी आंते नाभि के पास पेट की दिवार के माध्यम से बाहर आने लगती है। हर्निया को आप बच्चों में उभरते हुए उस समय देख सकते है, जब वो रो रहा हो।

  • जघनास्थिक हर्निया-

जघनास्थिक हर्निया केवल 20 से 25 प्रतिशत लोगों को ही होता है, खासकर महिलाओं को अधिक होता है। यह हर्निया जांघो के ऊपरी हिस्सों में दिखाई देता है। यह खांसी आने या किसी भी तरह के दर्द से वापस आ सकता है और लेट जाने पर अन्दर चला जाता है।

  • वेक्षण हर्निया-

इंग्वाइनल हर्निया, ब्रिटिश हर्निया सेन्टर के अनुसार सभी प्रकारों की हर्निया में कुल 70 से 75 प्रतिशत मामलों में ये हर्निया ज्यादा पाया जाता है। ये हर्निया महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में ज्यादा पाया जाता है। यह हर्निया तब होती है, जब आंत पेट में किसी कमजोर दिवार को छेद कर बाहर आ जाता है।

  • इंसिजनल हर्निया-

ये हर्निया जब पेट की सर्जरी होती है, उसके बाद हो सकती है, क्यों कि आंते आपरेशन के निशान या आसपास के कमजोर ऊतक के माध्यम से बाहर निकल आती है।

हर्निया के लक्षण-

हर्निया About Hernia in Hindi कोई बड़ी समस्या जैसा नही लगता है। यह एक दर्द रहित छोटा-सा समस्या होता है, जिसे तत्काल लोग चिकित्सक से नही दिखा पाते है। हर्निया खडे़ होने पर अधिक तनाव के कारण, भारी वस्तुओं को उठाने से अक्सर दर्द होना शुरू हो जाता है, जिसमें ज्यादात्तर लोग उभार में वृद्धि देखते है। हर्निया की लक्षण जैसे-उल्टी, दर्द जी मिचलाना, उभार को वापस पेट में धक्का न दिया जा सके, ऐसे लक्षणों को पता चलने पर तत्काल चिकित्सक से दिखाना आवश्यक होता है।

हर्निया About Hernia in Hindi का इलाज जैसे-जीवन शैली में बदलाव, दवाईयों की सहायता से या सर्जरी के द्वारा निजात पा सकते है।

हर्निया से बचने के उपाय-

मांसपेशियां की कमजोरी को रोक नही सकते हैं, लेकिन अपने शरीर के तनाव को कम कर सकते हैं या हर्निया के रोकथाम के लिए इन उपायों को कर सकते है, जैसे-बहुत भारी वजन न उठायें, किसी वजन को पीठ से न उठायें, अपने घुटनों से वजन उठायें, अपने वजन को सही रखें, धुम्रपान से बचें, ज्यादा खांसी या बीमार होने पर चिकित्सक से तुरन्त दिखायें। हर्निया About Hernia in Hindi को शुरूआती चिकित्सक देखभाल या जीवनशैली में बदलाव करके अपने आपको घातक जटिलताओं से बच सकते है।


16 July, 2020

How to Gain Weight in a Week || एक हफ्ते में वजन कैसे बढ़ाये-

 How to Gain Weight in a Week, एक हफ्ते में वजन कैसे बढ़ाये-

दुनिया में जिस तरह ज्यादा मोटा होना एक समस्या है, उसी तरह दुबला-पतला होना भी बहुत बड़ी समस्या है। कम वजन होने के कारण लोग उनका मजाक उड़ाया करते है। इसके अलावा कुपोषण मरीज भी लगने लगते है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नही है, क्यों कि आप कुछ महिनों में ही आप अपना वजन बढ़ा सकते है।

How to Gain Weight in a Week

How to Gain Weight in a Week


वजन बढ़ाने के लिए घरेरू उपाय, How to Gain Weight in a Week

वजन बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय में जैसे-किशमिश, आलू, घी, केला, अण्डा, बादाम, बीन्स, मूंगफली के मक्खन, शहद और अखरोट, भरपुर नींद लेना, खजूर और चना, अनार इत्यादि ये ऐसे घरेलू उपाय है, जिनसे आपके वजन बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा, जो उक्त खाने वाली सामग्रियों के फायदे के विषय में विवरण नीचे संक्षिप्त में निम्नवत् है-

  • किशमिश का प्रयोग-

किशमिश को आप दिनभर में एक या दो मुट्ठी खाये, क्यों कि ऐसा करने से आपका मोटापा तेजी से ग्रोथ करेगा। इसके अलावा अंजीर और किशमिश को भी बराबर मात्रा में पानी में भिगोकर रातभर छोड़ दें और सुबह-सुबह में खायें, इससे भी वजन बढे़गा।

  • आलू का सेवन-

आलू आप किसी भी तरीके से खा सकते है, लेकिन ध्यान रहे कि वो ज्यादा तला हुआ न हो। आलू में काॅम्प्लेक्स शूगर और कार्बोहाईडेªट्स होता है, जो वजन बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। आलू को अपने दैनिक जीवन में प्रयोग करें।

  • घी का सेवन-

घी में काफी मात्रा में कैलोरी होता है, जो मोटापा बढ़ाने में मदद करता है। घी को आप भोजन में डालकर अवश्य खायें, क्यों कि इससे वजन बढ़ेगा। घी को आप शक्कर में डालकर भी खा सकते है।

  •  केला का सेवन-

केला रोजाना खाने से आपका वजन जरूर बढ़ेगा, क्यों कि केला में काफी मात्रा में कैलोरी होती है, जिससे ज्यादा शरीर में एनर्जी मिलती है। केले का शेक बनाकर भी आप ले सकते है। केला को आप दूध के साथ भी खा सकते है।

  • अण्डा का सेवन-

अण्डा आप रोजाना सेवन करते है तो इससे भी आपका वजन बढ़ेगा, लेकिन ध्यान रहे कि आप कच्चा अण्डा भूलकर भी न खाये, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी गम्भीर समस्याएं हो सकती है। अण्डे में फैट और कैलोरी काफी मात्रा में पायी जाती है।

  • बादाम का सेवन-

बादाम काफी मात्रा में वजन बढ़ाने में लाभकारी सिद्ध होता है। बादाम को आप 4 या 5 पानी में रातभर भिगोकर रख दें, सुबह इसे पीसकर दूध में डालकर पी लें। ऐसा एक से दो माह करने से आपका वजन काफी मात्रा में बढ़ जायेगा।

  • बीन्स का सेवन-

बीन्स और फलियों में कैलोरी और कार्बोहाईडेªट्स के अलावा काफी फाइबर की भी मात्रा होती है, जो वजन बढ़ाने में मदद करती है। इसके अलावा दालें और राजमा वजन बढ़ाने में लाभकारी सिद्ध होता है।

  • शहद और अखरोट का सेवन-

अगर अखरोट में शहद मिलाकर खायें तो आपमें निश्चित मोटापा शुरू हो जायेगा।

  • भरपुर नींद लेना-

जीवनशैली के लिए भरपुर नींद भी लेना बहुत ही जरूरी होता है। ये वजन बढ़ाने में मदद करता है। अगर लोगों से कहा जाय, कि भरपुर नींद लेना वजन बढ़ाने में काफी मदद करता है तो इसे लोग मजाक में समझ जायेंगे, जबकि यह भी उपाय सही है। आप कम से कम 6 से 8 घण्टे का भरपुर नींद जरूर लें, इससे थकान भी दूर हो जाता है और वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।

  • खजूर और चना का प्रयोग-

अगर आप पतले है तो चने के साथ खजूर खाना शुरू कर दें, इससे आपका वजन बढ़ना शुरू हो जायेगा।

  • अनार का सेवन-

अनार का जूस आप रोजाना पियें, क्योंकि इससे वजन बढ़ता है।

मोटा होने के लिए न करें ये ज्यादा, How to Gain Weight in a Week

मोटा होने के चक्कर में लोग ज्यादा से ज्यादा जंक फूड खाते रहते है, जो यह सही नही है। इसके अलावा कोई भी ऐसी चीज न खाये, जिससे पाचन क्रिया खराब हो जाय। इसके अलावा लोग वजन बढ़ाने के लिए तरह-तरह की दवाईयां खाना शुरू कर देतें है, जो सही नही है। इससे भविष्य में स्वस्थ सम्बन्धित समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।
वजन बढ़ाने के लिए कोई आसान तरीका नही होता है। अगर उपरोक्त में बताये गये तरीको से आपका वजन नही बढ़ता है तो आप डाक्टर से सलाह जरूर लें। आप ऊपर बताये गये तरीको को नियमित करें तो यकीन मानिए फायदा अवश्य होगा।


12 July, 2020

Body healthy yoga || शरीर को स्वस्थ रखने वाला योग || SukshamKriya ||

अंतर्राष्ट्रीय योग प्रचारक श्री शिवम कृष्ण जी द्वारा बताए गए वीडियो के माध्यम से, हम सूक्षम क्रिया (सामान्य योग) के बारे में बात करते हैं, कि हमारे शरीर के छोटे-छोटे हिस्सों की शुद्ध शक्तियां हैं, उन्हें कैसे जागृत किया जाए, हमारे भीतर जो शक्ति है, वो कैसे पावरफुल बनता है, सूक्षम क्रिया हमारे शरीर के छोटे-2 जोड़ों को कैसे ऊर्जावान और शक्तिशाली बनाता है।

Through the video told by the international yoga pracharak Shri Shivam Krishna ji, we talk about Suksham Kriya (general yoga), that we have pure powers of small parts of our body, how to awaken them, how the power within us , Which is the power, excludes it and makes the small 2 joints of our body energized and powerful....
योग से होने वाले फायदे के बारे में कुछ और विशेष जानकारी-

योग सही तरीके से जीने का एक वैज्ञानिक तरीका है और दैनिक जीवन में इसे ढ़ालना चाहिए। यह जीवन से जुडे़ मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और अध्यात्मिक पहलुओं पर काम करता है। योग का अर्थ है व्यवहारिक स्तर पर, योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने का एक साधन है। योग सबसे पहले लाभ पहुॅचाता है, बाहरी शरीर को, जो ज्यादात्तर लोगों के लिए एक व्यवहारिक और परिचित शुरूआती का जगह है। जब शरीर स्तर पर असंतुलन का अुनभव होता है तो अंग, मांस पेशियाॅ और नसें काम करना बन्द कर देती है। जिन्दगी के तनाव और बातचीत के परिणाम स्वरूप बहुत से लोग अनेक मानसिक परेशानियों से पिड़ित रहते है। योग एक ऐसा साधन है कि इलाज के रूप में तुरन्त तो काम नही करता है, लेकिन अनेक परेशानियों के मुकाबले में बेहद महत्वपूर्णांत्मक सिद्ध प्रदान करता है। योग प्राचीन समय में बहुत प्रसिद्ध और प्रचलित था, लेकिन योग के सही ज्ञान के बारे में अब लगातार लोगों की रूचि बढ़ रही है। सभी प्रकार के योग करने से हमारे शरीर में जो काफी मात्रा में तेल होते है, उसे ख़त्म कर देता है और हमारा पूरा शरीर स्वस्थ होने लगता है l

Mota Hone Ka Tarika || वजन बढ़ाने और मोटा होने के लिए आसान उपाय

Mota Hone Ka Tarika, वजन बढ़ाने और मोटा होने के लिए आसान उपाय-

शरीर में जब ज्यादा मोटापा हो जाता है तो अनेक प्रकार की बीमारियां होने की सम्भावनाएं बढ़ जाती है। ठीक इसी तरह जब शरीर दुबला-पतला हो जाता है तो शरीर में अस्वस्थ होने का संकेत मिलने लगता है। प्रतिदिन दुबले-पतले लोग मोटा होने के लिए (Mota Hone Ka Tarika) उपाय ढुंढते रहते है, लेकिन वो लोग सफल नही हो पाते है। अधिक दुबलापन होने के कारण उन लोगों को शर्मिन्दगी महसूस होने लगती है और अनेकों की तरह परेशानियां झेलनी पड़ती है।

Mota Hone Ka Tarika
Mota Hone Ka Tarika

मोटा होने के लिए कई उपाय है, जिनका निममित पालन करने से आप मोटापा या वजन बढ़ा सकते है।

मोटा होने या वजन बढ़ाने के लिए नियमित उपाय (Mota Hone Ka Tarika)

1. समय-समय पर भोजन करें (सुबह, दोपहर और शाम)।
2. भोजन को धीर-धीरे चबाकर खायें।
3. रात में कम से कम 6 से 7 घण्टे का भरपूर नींद लें और रात में ज्यादा जागने से बचें।
4. जीवन में अत्यधिक तनावयुक्त से बचें।
5. सुबह-सुबह में नियमित प्राणायाम एवं योगासन करें।


मोटा होने के लिए केला का सेवन-

केला वजन बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केला को दुध या दही के साथ खा सकते है। केला पोषक तत्व से भरपूर होता है, केला से पौष्टिक आहार काफी मात्रा में मिलता है। मोटा होने की तरीका (Mota Hone Ka Tarika) में केला को दिन में कम से कम दो या चार खायें।

बादाम, खजूर और अंजीर मोटा होने की दवा है-

बादाम, खजूर और अंजीर मोटा होने की आयुर्वेदिक दवा है। बादाम, खजूर और अंजीर चार से पाॅच कूटकर दूध में डालकर उबाल लें और अच्छी तरह उबलने के बाद दूध हल्का गरम और हल्का ठण्डा होने पर रात में सोने से पहले पियें।

सेब और गाजर वजन बढ़ाने में काफी लाभकारी सिद्ध होता है-

सेब और गाजर लेकर बराबर मात्रा में छिल्का सहित काटकर दोपहर में भोजन के बाद खायें। कुछ ही दिनों में इससे लाभ (Mota Hone Ka Tarika) मिलना शुरू हो जायेगा।

गाजर के फायदें संक्षिप्त में-

गाजर का जूस हो या हलवा हर रूप में स्वस्थ होने के लिए लाभकारी होता है, क्योंकि गाजर में फैट नही के बराबर होता है। गाजर से केवल सब्जी ही नही बल्कि हलवा, मुरब्बा, अचार आदि अनेक प्रकार के व्यंजन भी बनाये जाते है। गाजर का रंगभेद-लाल, पीली और काली होती है।

Mota Hone Ka Tarika
Mota Hone Ka Tarika

सेब से होने वाले फायदें संक्षिप्त में-

सेब स्वाद में बेहतरीन होने के साथ-साथ कई प्रकार के पोषक तत्वों का खजाना होता है। सेब का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी कर सकते है और कई रोगों को ठीक करने के लिए भी सेब का प्रयोग किया जाता है। सेब लाल या हरे रंग का फल होता है, जो विटामिन से भरपुर होता है।

Mota Hone Ka Tarika
Mota Hone Ka Tarika