04 July, 2021

Benefits of Garlic || अगर पुरुष रोजाना सिर्फ एक लहसुन की कली खाएं तो हैरान कर देने वाले फायदे होंगे।

 Benefits of Garlic || अगर पुरुष रोजाना सिर्फ एक लहसुन की कली खाएं तो हैरान कर देने वाले फायदे होंगे।

लहसुुन एक ऐसी चीज है, जिसे न सिर्फ सब्जी की स्वाद में बढ़ाया जाता है, बल्कि इसे कई बीमारियों में भी फायदे के रूप में शामिल किया जाता है और हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाता है। अगर आप शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे है तो लहसुुन का सेवन जरूर करें | लहसुुन का सेवन खासकर पुरुषों के लिए फायदेमंद Benefits of Garlic माना जाता है, जो पुरूष शारीरिक कमजोरी से परेशान है तो उन्हें अपनी डायित में लहसुन को शामिल कर लेना चाहिए। 

Benefits of Garlic


लहसुुन में पाये जाने वाला तत्व-

लहसुुन में पाए जाने वाला विटामिन-बी 6, विटामिन-सी, जस्ता, मैगनीज, फारफोरस एवं कैलशियम शरीर के लिए बहुत ही जरुरी होते हैं| लहसुन में थोड़ी मात्रा में पैंटोथेनिक एसिड, प्रोटीन और थायमिन पाए जाते हैं, जो शरीर की सेहत के लिए लाभकारी Benefits of Garlic हैं | 

खाली पेट लहसुन का सेवन-

कच्चा लहसुन एक या दो रोज खाली पेट पानी के साथ सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और इससे ब्लड प्रेशर की समस्याओं से बचा जा सकता है | यह रक्त को पतला करके ब्लड क्लॉटिंग को रोकता है, जिससे रक्त का प्रभाव शरीर में सही तरीके से होता है | 

Benefits of Garlic


लहसुन सेवन से पुरुषों के लिए होने वाले लाभ-Benefits of Garlic

आयुर्बेद डॉक्टरों के अनुसार लहसुन में काफी मात्रा में विटामिन के साथ-साथ सेलेनियम भी पाया जाता है, जिससे स्पर्म क्वालिटी भी बढती है | लहसुन में एलिसिन पाया जाता है, जो पुरुषों के मेल हार्मोन को ठीक रखता है | पुरुष अगर सुबह खाली पेट या फिर रात में सोने से पहले लहसुन की एक कली खाते हैं तो धीरे-धीरे यौन स्वास्थ्य ठीक होने लगता है | 

लहसुन के फायदे-Benefits of Garlic

१- कच्चा लहसुन खाने से ब्लड ग्लूकोज लेवल कम करने में मदद मिलती है | कच्चा लहसुन खाने से शुगर लेवल कम रहता है | 
२- कच्चा लहसुन खाने से डायबिटीज का खतरा भी कम होता है | 
३- लहसुन के साथ पानी पीने से अस्थम और सर्दी-जुकाम आदि नहीं होता है | लहसुन इन सभी समस्याओं का घरेलु इलाज का आम नुस्खा है | Benefits of Garlic
४- लहसुन का सेवन ह्रदय को कार्डियोवस्कुलर बीमारियों से बचाता है एवं कोलेस्ट्रॉल को कम करता है | 
५- लहसुन सेवन से शरीर के महत्वपूर्ण अंगो में सुधार होता है एवं व्यक्ति का आयु बढ़ती है | 
६- लहसुन वजन घटाने में काफी लाभकारी होता है एवं लहसुन का नियमित सेवन करने से पाचन क्रिया सही  रहता है | 
इस लेख से आपको यह पता चल गया होगा की लहसुन का सेवन शरीर के लिए कितना उपयोगी साबित हो सकता है Benefits of Garlic और लहसुन के सेवन से होने वाले फायदे से सम्बंधित जानकारी आप किसी भी आयुर्वेदिक डॉक्टर से ले सकते है | 

28 June, 2021

Side Effects of Eggs || जानें ज्यादे अण्डे के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में ||

Side Effects of Eggs || जानें ज्यादे अण्डे के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में ||

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई पोषक तत्वों में अण्डे का सेवन करना लाभप्रद बताया जाता है तो वही दुसरी तरफ ज्यादे अण्डा सेवन से शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया जाता है, जिसे जानना बहुत ही जरूरी है, जो नीचे लेख में फायदे और नुकसान Side Effects of Eggs के बारे में उल्लिखित है।

Side Effects of Eggs


अण्डे से होने वाले फायदें

अण्डा खाने से कई महत्वपूर्ण फायदें हो सकते है, जैसे-वजन कम करने के लिए, हड्डियों की मजबूती के लिए, आंखों के लिए, मस्तिष्क के लिए, ऊर्जा बढ़ाने के लिए मांसपेशियों के लिए, कैंसर से बचने के लिए, ब्लड प्रेसर के लिए, प्रोटीन के लिए, गर्भावस्था के लिए, त्वचा के लिए एवं बालों और नाखुन इत्यादि के लिए फायदेमन्द हो सकते है, लेकिन अण्डा से बतायी गयी फायदें किसी शारीरिक समस्या का सटीक इलाज नही है। यह सिर्फ इनसे बचाव या इनके जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।

Side Effects of Eggs


अण्डे से होने वाले नुकसान || Side Effects of Eggs ||


ऊपर अण्डा खाने के बारे में उल्लिखित कर अब हम नीचे नुकसान के बारे में संक्षिप्त उल्लिखित करते हुए बतायेंगे कि क्या-क्या शारीरिक नुकसान Side Effects of Eggs हो सकते है।


1. अण्डे का नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से हृदय रोग का जोखिम बना रहता है, क्यों कि अण्डे  में कोलेस्ट्राॅल की समृद्ध मात्रा पायी जाती है, जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।
2. अण्डे में एलर्जी शामिल है, क्यों कि कई लोगों को अण्डे सेवन से एलर्जिक रिएक्शन भी हो जाता है, जो शरीर को नुकसान Side Effects of Eggs पहुॅचाता है।
3. ठीक तरह से पकाएं बिना अण्डा खाने से उल्टी और दस्त जैसी समस्या हो सकती है, जो शारीरिक नुकसानदायक है।
4. अण्डे की अधिक मात्रा में सेवन उन मरीजों को नही करनी चाहिए, जिन्हें मधुमेह और हृदय रोग की समस्या हो, उन्हें अण्डे के अधिक सेवन से बचना चाहिए।


अब आपको इस उल्लेख से यह पता चल गया होगा कि अण्डा सेवन से किस तरह के शारीरिक नुकसान Side Effects of Eggs और फायदें शामिल है। अगर कोई किसी तरह के गम्भीर समस्या से ग्रसित है तो वे बिना डाॅक्टर के सलाह के अण्डे का सेवन न करें।


08 May, 2021

Benefits fo Eggs || अंडा खाने के फायदे ||

Benefits fo Eggs ||  अंडा खाने के फायदे  || 

अण्डा एक ऐसा पोषक तत्व है, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में काफी महत्वपूर्ण होता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, इन पोषक तत्वों की जरूरत को आहार के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। आहार में अण्डे का सेवन करके शरीर को पोषित (Benefits fo Eggs) बनाया जा सकता है। अण्डा शरीर को मानसिक और शारीरिक लाभ पहूॅचाने में मददगार साबित होता है। यह कई पोषक तत्वों से परिपूर्ण होता है। लेख में अण्डा खाने और इससे होने वाले नुकसान के बारे में दर्शाया गया है, जिसकी साझा भी की गयी है।

Benefits fo Eggs
Benefits fo Eggs

जानें अण्डा खाना सेहत के लिए क्यों अच्छा होता है-

1. अण्डा सेवन से शरीर को क्या-क्या पोषक तत्व मिलता है-

2. अण्डा से होने वाले फायदे-

3. अण्डे से मिलने वाले पौष्टिक तत्व-

4. अण्डे का उपयोग-

5. अण्डे का सफेद और पीला भाग कौन ज्यादा फायदेमन्द होता है-

6. अण्डे से होने वाले नुकसान-


1. अण्डा सेवन से शरीर को क्या-क्या पोषक तत्व मिलता है-

अण्डे में पोषक तत्वों की अधिकता होती है, इसलिए अण्डे का सेवन शरीर की सेहत के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। अण्डे में मुख्यतः प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए, बी 6, बी 12, एमिनो एसिड, फोलेट, सेलेनियम और फास्फोरस पाये जाते है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण होता है।


2. अण्डा से होने वाले फायदे-

अण्डा खाने से नीचे लेख में बताई गयी कई फायदे हो सकते है, लेकिन शारीरिक समस्या का इलाज नही है। यह सिर्फ शरीर की जोखिम को कम करने या बचाव में मददगार हो सकता है-(Benefits fo Eggs)


1-हड्डियों की मजबूती के लिए-निर्धारित समय तक प्रतिदिन अण्डा सेवन (NCBI के अनुसार) करने से हड्डियों में मजबूती आ सकता है और हड्डियों की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। अण्डे में मौजूद विटामिन-डी, प्रोटीन और कैल्शियम की भूमिका अहम हो सकती है।

2-आंख के लिए फायदेमन्द-अण्डे में मौजूद विटामिन आंखों की रोशनी को बढ़ावा दे सकता है। मैक्यूलर डिजनरेशन (आंखों की पुतली से जूड़ी समस्या) की समस्या को रोकने में मदद कर सकते है। उबला हुआ अण्डा खाने से फायदेमन्द हो सकता है।

3-अण्डे से वजन कम हो सकते है-अण्डे के सेवन के साथ-2 अपने दिनचर्या में व्यायाम को भी शामिल कर सकते है, जिससे की आपकी वजन को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है। वजन को नियंत्रित रखने और कम करने में अण्डे को सेवन मददगार साबित हो सकता है।

4-मस्तिष्क की मजबूती के लिए-कहा जा सकता है कि अण्डा खाने के फायदे मस्तिष्क स्वास्थ्य पर पड़ सकते है। इसमें मानें तो विटामिन और मिनरल होते है, जो मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र और याद्दाश्त के लिए कोशिकाओं को ठीक तरह से कम करने में मदद कर सकते है। अण्डा मस्तिष्क के लिए काफी बेहतरीन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अण्डा मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाने का कार्य करता है। यह नर्वस सिस्टम की तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने का कार्य करता है।


3. अण्डे से मिलने वाले पौष्टिक तत्व-(Benefits fo Eggs)

अक्सर आप जानने की कोशिश करते है कि अण्डे में क्या-क्या पाया जाता है। आपको बता दें कि अण्डे में कौन-कौन से पोषक तत्व पाये जाते है, जिससे कि शरीर को काफी स्वस्थ रखता है, जैसे-ऊर्जा, प्रोटीन, टोटल लिपिड (फैट) कार्बोहायड्रेट, फाइबर, शुगर, कैल्शियम-Ca, सोडियम-Na, कोलेस्ट्रोल इत्यादि पाये जाते है।


4. अण्डे का उपयोग-

अण्डे का उपयोग कुछ ही लोगों को पता रहता है, जो हम नीचे लेख में अण्डे का उपयोग के बारे में अलग-2 तरीके से बताने जा रहे है। (Benefits fo Eggs)

अण्डे कैसे खाएं-

  • अण्डे का भूर्जी बनाकर खा सकते है।
  • अण्डे को उबालकर खाया जा सकता है।
  • अण्डे को आमलेट बनाकर खा सकते है।
  • अण्डारोल बनाकर खाया जा सकता है।
  • अण्डे को ब्रेड के साथ आमलेट बनाकर खा सकते है।
  • अण्डा करी बनाकर रोटी या चावल के साथ खा सकते है।
  • केक बनाने के लिए अण्डे का उपयोग किया जा सकता है।
  • अण्डा फ्राइड राइस के रूप में सेवन कर सकते है।
  • अण्डा बर्गर बनाया जा सकता है।
  • अण्डा बिरयानी बनाकर खा सकते है।

अण्डा कितना खाया जा सकता है-

फिलहाल अण्डे का सेवन कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाणित नही है कि रोजाना कितना खाया जाय। इसे हम उम्र और हेल्थ को ध्यान में रखते हुए निर्धारित कर सकते है, जैसे-बुजुर्गो एवं बच्चों को एक-एक अण्डा दिया जा सकता है, वैसे-अण्डे का उचित मात्रा में सेवन करने के लिए किसी आहार विशेषज्ञ से विचार-विमर्श कर सकते है।


अण्डा कब खाया जा सकता है-

  • सुबह या शाम को जिम के बाद अण्डे को उबालकर खा सकते है।
  • अण्डे को आमलेट बनाकर सुबह नाश्ते में सेवन कर सकते है।
  • लंच में अण्डा फ्राइड राइस, अण्डा करी या बिरयानी का सेवन कर सकते है।


5. अण्डे का सफेद और पीला भाग कौन ज्यादा फायदेमन्द होता है- (Benefits fo Eggs)

Benefits fo Eggs
Benefits fo Eggs

अक्सर आप सोचते होंगे कि अण्डे का सफेद भाग सबसे ज्यादा फायदेमन्द होता है कि पीला भाग फायदेमन्द होता है, जो नीचे लेख में निम्नवत है-(Benefits fo Eggs)

1-अण्डे का सफेद भाग-अण्डे के सफेद भाग में भरपुर मात्रा में अमिनो एसिड, विटामिन और प्रोटीन होते है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अण्डे का सफेद भाग शरीर के लिए ज्यादें फायदेमन्द हो सकता है। 

2-अण्डे का पीला भाग-अण्डे के पीले भाग में कोलेस्ट्रोल और फैट की मात्रा अधिक होता है। अण्डे के पीले भाग को खाने से शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए इसकी सेवन कम करना चाहिए।


6. अण्डे से होने वाले नुकसान-

  • अण्डे के फायदे और नुकसान इस बात पर निर्भर करता है कि अण्डे को कितना और कैसे खाया जा सकता है।
  • जिन्हें मधुमेह और हृदय रोग की समस्या है, उन्हें अण्डे के अधिक सेवन से बचना चाहिए। अण्डे की अधिक मात्रा में सेवन करने से ऐसे मरीजों की स्थिति को गम्भीर बना सकता है।
  • अण्डे को ठीक तरह पकाये बिना सेवन करने पर उल्टी और दस्त हो सकती है।
  • अण्डे में कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है। इसलिए ज्यादा सेवन करने पर हृदय रोग के जोखिम बना रहता है।
  • अण्डे से होने वाले नुकसान में एलर्जी भी शामिल है। अण्डे के सेवन से कई लोगों को एलर्जिक रिएक्शन भी हो जाता है।


यह लेख पढ़ने से आप जान गयें होंगे कि अण्डे खाने से शरीर को कितना फायदा व कितना नुकसान हो सकता है। इसके सेवन से सिर्फ रोग को दूर रखने और इलाज में मदद मिल सकता है, लेकिन आप ये न समझें कि अण्डे सेवन से किसी बीमारी का सटीक इलाज है। अगर कोई किसी तरह के गम्भीर समस्या से ग्रसित है तो वह डाक्टर के सलाह के बिना अण्डे का सेवन न करें। हम उम्मीद करते है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा।


21 February, 2021

Benefit of Banana || केला खाने के फायदे ||

 जानें केला खाने के विशेष फायदे-

केला एक ऐसा फल है, जो किसी भी मौसम में हर जगह मिल जाता है। यह अन्य फलों की तुलना में काफी सस्ता भी होता है, जिसके कारण कोई भी खरीद सकता है। यह काफी स्वास्थ्यबर्धक होता है, क्यों कि इसमें प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व भरपुर मात्रा में मिलते Benefit of Banana है। आयुर्वेद में भी केला खाने के विशेष फायदें बताए गये है। यह सबसे ज्यादा एनर्जी देने वाला फल है, इसे खाने के लिए डाक्टर भी सलाह देते है।

Benefit of Banana

जानें केला के कितने फायदें है-Benefit of Banana

केला शरीर को कभी भी कमजोर नही होने देगा- Benefit of Banana आपको आफिस या किसी कार्य से बाहर जाना हो और समय के अभाव में भरपुर मात्रा में खाना या नास्ता नही हो पा रहा हो तो आप दो केला खाकर जा सकते है, क्यों कि इसमें कार्बोहाइटेªट की मात्रा भरपुर होता है। इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है।

केला दिल को स्वस्थ रखने में काफी लाभदायक होता है- Benefit of Banana अगर आपको दिल को स्वस्थ रखने में ज्यादा जज्बा है तो आप रोजाना दो केला जरूर खायें, क्यों कि यह काफी फायदेंमन्द होता है। केला में भरपुर मात्रा में विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम और फाइबर मिलता है। प्रतिदिन दो केला खाने से कोलेस्ट्राॅल कन्ट्रोल में रहता है। 

वजन कम करने में भी मददगार होता है केला- Benefit of Banana वजन बढ़ने से कई बीमारियाॅ भी शरीर को घर कर जाती है। ज्यादा वजन या मोटापा शरीर की सुन्दरता को खत्म कर देता है। आप मोटापा घटाने के लिए क्या-क्या उपाय नही करते है, लेकिन वजन कम नही हो पाता है। केला से आप अपने वनज को भी कम कर सकते है।

वजन घटाने के लिए केला कैसे खायें-

  • वजन घटाने के लिए केला का सेवन आप प्रतिदिन दो केला खाकर गरम पानी पी लें, इससे वजन काफी मात्रा में कम होता है। इससे दिनभर आप खाना खायें या ना खायें कोई फर्क नही पड़ता है। यदि आप प्रतिदिन सुबह केला नास्ते में भरपेट लेते रहे और गरम पानी पीते रहें तो शरीर का सबकुछ दिनभर बराबर रहता है।

Benefit of Banana

जानें केला खाने के और क्या-क्या फायदें हैं- Benefit of Banana

  1.  केला नर्वस सिस्टम को ताकतवर बनाता है। यह एक विटामिन का अच्छा स्रोत होता है।
  2.  इससे खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है। केला एनीमिया के रोगियों को सेवन जरूर करना चाहिए।
  3.  केला से एनर्जी भी ज्यादें मिलती है, केला पचने में ज्यादा समय लेता है। केला ज्यादें समय तक पेट भरे रहने का एहसास भी दिलाता है।
  4. केला सेरेटोंनिन हार्मोन पैदा करता है, जिससे मूड भी अच्छा रहता है। केला से तनाव भी दूर होता है।
  5. केला से ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है और इसके अलावा दिमाग को चुस्त भी रखता है।

Benefit of Banana

केला से होने वाले अन्य जानकारियाॅ- Benefit of Banana

  • Benefit of Banana केला नियमित सेवन करने से एनर्जी का लेवल बढ़ जाता है। इससे जल्दी-जल्दी सर्दी-जुकाम नही होता है। केला का सेवन रात में दूध के साथ करने से ज्यादा फायदा होता है। केला काफी सस्ता भी होता है और हर जगह आसानी से मिल भी जाता है।


  • Benefit of Banana केला से सबसे बड़ी बात यह है कि एनर्जी लेवल के साथ-साथ शरीर में स्फूर्ति भी रखता है। केला छोटी-मोटी बीमारियों को भी दूर रखता है। ध्यान रहे कि केला केमिकल से पका हुआ नही होना चाहिए।



09 August, 2020

Meaning of Hernia in Hindi || जानें हर्निया के लक्षण, कारण, बचाव व इलाज ||

Meaning of Hernia in Hindi || जानें हर्निया के लक्षण, कारण, बचाव व इलाज ||


हर्निया आमतौर पर पेट में होता है, लेकिन हर्निया जांघ के ऊपरी हिस्से या नाभि और कमर के आस-पास हो सकता है। हर्निया अधिकांश घातक नही होते है, लेकिन हर्निया अपने आप ठीक नही होते है। कभी-कभी ऐसी परिस्थितियाॅ बन जाती है कि हर्निया की जटिलताओं से बचने के लिए सर्जरी करनी पड़ जाती है। हर्निया एक ऐसी बीमारी है, जो एक मांसपेशी या ऊतक में किसी छेद के माध्यम से अन्दर का अंग उभरकर बाहर आने लगता है, जिसे हर्निया कहते है, जैसे-आंत, पेट की अन्दरूनी परत में किसी कमजोर जगह में छेद करके बाहर की तरफ आने लगती है। 
हर्निया Meaning of Hernia in Hindi का दर्द आपको आराम करते समय या कुछ खास गतिपूर्वक कार्य करते समय हो सकता है, जैसे-चलने या दौड़ने पर।

Meaning of Hernia in Hindi
Meaning of Hernia in Hindi


हर्निया की बीमारी पुरूषों और महिलाओं दोनों में पायी जाती है। किन्तु अधिकांश यह बीमारी पुरूषों में अधिक पायी जाती है।
हर्निया की समस्या पुरूषों के कमर भाग पर खासतौर पर मिलता है।
कुछ लोगों में हर्निया Meaning of Hernia in Hindi की समस्या जन्मजात से ही रहती है।

Meaning of Hernia in Hindi
Meaning of Hernia in Hindi

हर्निया का लक्षण-

हर्निया में पाये जाने वाले लक्षण इस प्रकार है, जैसे-
  • पेट के नीचले भाग और जांघों के ऊपरी भाग में सूजन होना।
  • मलमूत्र त्यागने में परेशानियों का बढ़ जाना।
  • पेट की चर्बी बाहर की तरफ निकल जाना।
  • अधिक समय तक खड़े रहने या बैठने पर दर्द होना।

हर्निया के कारण-

हर्निया Meaning of Hernia in Hindi होने का कारण इस प्रकार है, जैसे-
  • अधिक या लम्बे समय तक खांसी आने के कारण हो सकता है।
  • कब्ज होने की स्थिति में हो सकता है।
  • गर्भावस्था की स्थिति में हो सकता है।
  • बढ़ती उम्र होने के कारण हो सकता है।
  • भारी वजन उठाने के कारण हो सकता है।
  • ज्यादा मोटापा होने के कारण हो सकता है।
  • चोट होने के कारण भी हो सकता है।
  • अगर पुराना आपरेशन हुआ हो तो उसके कारण भी हो सकता है।

हर्निया से बचाव-

हर्निया Meaning of Hernia in Hindi से बचने के लिए नीचे सावधानियाॅ निम्न प्रकार है-
  • लम्बे समय तक खांसी आने पर उसे डाक्टर से तुरन्त दिखायें।
  • योग और व्यायाम करें, ताकि कब्ज की समस्या न हो।
  • भारी वजन न उठायें।
  • स्वस्थ भोजन का सेवन करें।
  • अगर भारी वजन उठाना है तो तकनीक का प्रयोग करें।
  • अगर बार-बार खांसी आती है तो धुम्रपान का सेवन न करें।
  • हर्निया के शुरूआती लक्षण मिलने पर चिकित्सक से जरूर दिखाएं और इलाज करायें।
  • मलमूत्र करने या शौच करने में अधिक दबाव न बनायें।

हर्निया का इलाज-

  • हर्निया Meaning of Hernia in Hindi की समस्या होने पर सबसे पहले चिकित्सक से दिखायें और इलाज करवायें।
  • हर्निया होने की समस्या को डाक्टर सर्जरी के माध्यम से इलाज करते है, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी या ओपन सर्जरी।
  • ओपन सर्जरी में व्यक्ति को कम से कम छः महिने तक आराम करना होता है। व्यक्ति छः महिने तक ठीक से चल-फिर नही सकता है और ठीक से व्यायाम भी नही कर सकता है।
  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में शरीर पर छोटा आपरेशन किया जाता है। यह ऊतक के आस-पास होता है। यह सर्जरी हानिकारक नही होता है।
  • हार्ट की समस्या होने पर डाक्टर, व्यक्ति को लोकल सर्जरी करवाने का सुझाव देतें है। 


08 August, 2020

Yoga Tips || Halasan Yoga || पेट की चर्बी कम करने एवं चेहरे पर निखार लाने में सहायक होता है, हलासन योग ||

हलासन सही तरीके से किया जाए तो सेहत के लिहाज से यह बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इस आसन से मोटापा कम करते हुए थायराॅइड, मधुमेह आदि के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है। हलासन की अन्तिम मुद्रा में शरीर भारतीय हल के समान दिखता है। 
Yoga Tips || Halasan Yoga
Halasan Yoga

हलासन योगाभ्यास के विधि-

हलासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को जांघों के पास टिका लें और उसके बाद अपने पांवों को मोडते हुए धीरे-धीरे पहले 30 डिग्री पर फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं, उसके बाद अपने सांस को छोड़ते हुए पैरों को पीठ उठाते हुए सिर के पीछे ले जाएं और पैरों की अंगुलियों को जमीन से छूने का प्रयास करें।
मुद्रा का रूप ले चुका हलासन योग को धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने सांस को धीरे-धीरे छोडे़, जहाॅ तक सम्भव हो सके तो इस हलासन को रोककर रखें।
फिर धीरे-धीरे मूल अवस्था में आ जाएं, यह एक चक्र हुआ। इस तरह से आप 4 से 5 चक्र कर सकते है।

Yoga Tips || Halasan Yoga
Halasan Yoga

हलासन से होने वाले लाभ-

हलासन को नियमित अभ्यास करने से पेट की चर्बी कम होता है और वजन भी कम होता है।
इस आसन से सिर के क्षेत्र में खून का बहाव ज्यादा होने लगता है और साथ ही साथ बालों को सही मात्रा में खनिज तत्व मिलने लगता है, जो बालों की सेहत के लिए अच्छा होता है।
इस आसन को रोजाना करने से चेहरे पर निखार भी आने लगता है। 
यह आसन कब्ज, अपच और मधुमेह के लिए लाभकारी होता है, जो लोग बवासीर से ग्रसित है उन्हें इस आसन को करनी चाहिए।
जिन्हें गले की बीमारी है या सिर दर्द की शिकायत हो तो उन्हें इस आसन को करनी चाहिए।

हलासन से बरतनें वाली सावधानियाॅ-

जिनको सर्वाइकल स्पाॅण्डिलाइटिस हो उन्हें इस आसन को नही करनी चाहिए।
रीढ़ में अकड़न होने पर, उच्च उक्तचाप में, कमर में दर्द होने पर या चक्कर आने पर इस आसन को कतई नही करनी चाहिए।
गर्भावस्था होने पर और हृदय रोगी व्यक्ति को इस आसन को नही करना चाहिए।
हलासन के सबसे अधिक लाभ तब होता हैं, जब हलासन के तुरन्त बाद भुजंगासन किया जाए।



19 July, 2020

About Hernia in Hindi || जानें हर्निया के कारण, लक्षण, इलाज और सावधानियाॅ-

About Hernia in Hindi || जानें हर्निया के कारण, लक्षण, इलाज और सावधानियाॅ-

हर्निया के बारे में आप सुना होगा कि लोग अक्सर कहते है कि मुझे हर्निया हुआ है, हर्निया से परेशान है, लेकिन आपको बता दें कि हर्निया एक आम समस्या है, जो स्त्री और पुरूष दोनों में होता है। हर्निया किसी को भी हो सकता है। हर्निया जांघ और पेट दोनों के बीच में होता है और तीव्रता से दर्द होने लगता है। जब पेट की मसल कमजोर हो जाती है तो हर्निया की समस्या होने लगती है। मनुष्य की पेट में मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और उनके अन्दर से आंते बाहर आने लगती है और लेट जाने पर अन्दर चला जाता है। हर्निया की समस्या में यदि आप खडे़ है, खांसते है या कोई भी कार्य करते है तो परेशानियां होने लगती है और लेट जाने पर आराम मिलने लगता है।

About Hernia in Hindi
About Hernia in Hindi


हर्निया के बारे में-

पेट में हर्निया About Hernia in Hindi होना बहुत ही आम बात होती है, हर्निया की परेशानी उस समय उत्पन्न होती है, जब पेट में से कोई अंग या मांसपेशी पेट की दिवार से छेद की सहायता से बाहर आने लगता है। हर्निया पेट और जांघ के बीच भाग में होता है। हर्निया के लक्षण दिखाई नही देते पर तीव्रता से दर्द होना काफी सामान्य होता है। इसी से हम पहचान सकते है कि हमें हर्निया की समस्या है।

हर्निया का कारण बन सकते है ये कार्य-

कुछ ऐसे कार्य होते है, जो शरीर पर काफी दबाव डालते है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती है और हर्निया के कारण बन जाते है, जैसे-गर्भवती होने में पेट पर दबाव होना, भारी वजन उठाना, धुम्रपान करना, शरीर में थकावट होना, खराब पोषण के उपरान्त, लगातार खांसी और झींकने के कारण, कब्ज होने पर, किसी भी अंग की सर्जरी कराने के कारण, ज्यादा मोटापा या वजन बढ़ जाने के कारण, पेट में मुक्त द्रव होने से इत्यादि कारणों से शरीर पर दबाव बनने लगता है, जिससे हर्निया About Hernia in Hindi की समस्या होने लगती है।

About Hernia in Hindi
About Hernia in Hindi


हर्निया कई प्रकार के होते है-

हर्निया About Hernia in Hindi मनुष्यों में अलग-अलग तरीकों से हो सकता है, जैसे-नाभि हर्निया, जघनास्थिक हर्निया, वेक्षण हर्निया एवं इंसिजनल हर्निया, जिसका संक्षिप्त विवरण नीचे निम्न प्रकार है-

  •  नाभि हर्निया-

नाभि हर्निया, बच्चों में खासकर कम से कम 6 माह के बच्चों में हो सकता है। ऐसा तब होता है, जब उनकी आंते नाभि के पास पेट की दिवार के माध्यम से बाहर आने लगती है। हर्निया को आप बच्चों में उभरते हुए उस समय देख सकते है, जब वो रो रहा हो।

  • जघनास्थिक हर्निया-

जघनास्थिक हर्निया केवल 20 से 25 प्रतिशत लोगों को ही होता है, खासकर महिलाओं को अधिक होता है। यह हर्निया जांघो के ऊपरी हिस्सों में दिखाई देता है। यह खांसी आने या किसी भी तरह के दर्द से वापस आ सकता है और लेट जाने पर अन्दर चला जाता है।

  • वेक्षण हर्निया-

इंग्वाइनल हर्निया, ब्रिटिश हर्निया सेन्टर के अनुसार सभी प्रकारों की हर्निया में कुल 70 से 75 प्रतिशत मामलों में ये हर्निया ज्यादा पाया जाता है। ये हर्निया महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में ज्यादा पाया जाता है। यह हर्निया तब होती है, जब आंत पेट में किसी कमजोर दिवार को छेद कर बाहर आ जाता है।

  • इंसिजनल हर्निया-

ये हर्निया जब पेट की सर्जरी होती है, उसके बाद हो सकती है, क्यों कि आंते आपरेशन के निशान या आसपास के कमजोर ऊतक के माध्यम से बाहर निकल आती है।

हर्निया के लक्षण-

हर्निया About Hernia in Hindi कोई बड़ी समस्या जैसा नही लगता है। यह एक दर्द रहित छोटा-सा समस्या होता है, जिसे तत्काल लोग चिकित्सक से नही दिखा पाते है। हर्निया खडे़ होने पर अधिक तनाव के कारण, भारी वस्तुओं को उठाने से अक्सर दर्द होना शुरू हो जाता है, जिसमें ज्यादात्तर लोग उभार में वृद्धि देखते है। हर्निया की लक्षण जैसे-उल्टी, दर्द जी मिचलाना, उभार को वापस पेट में धक्का न दिया जा सके, ऐसे लक्षणों को पता चलने पर तत्काल चिकित्सक से दिखाना आवश्यक होता है।

हर्निया About Hernia in Hindi का इलाज जैसे-जीवन शैली में बदलाव, दवाईयों की सहायता से या सर्जरी के द्वारा निजात पा सकते है।

हर्निया से बचने के उपाय-

मांसपेशियां की कमजोरी को रोक नही सकते हैं, लेकिन अपने शरीर के तनाव को कम कर सकते हैं या हर्निया के रोकथाम के लिए इन उपायों को कर सकते है, जैसे-बहुत भारी वजन न उठायें, किसी वजन को पीठ से न उठायें, अपने घुटनों से वजन उठायें, अपने वजन को सही रखें, धुम्रपान से बचें, ज्यादा खांसी या बीमार होने पर चिकित्सक से तुरन्त दिखायें। हर्निया About Hernia in Hindi को शुरूआती चिकित्सक देखभाल या जीवनशैली में बदलाव करके अपने आपको घातक जटिलताओं से बच सकते है।